Friday, August 7, 2015

557 Part 2 of Communist Parties cannot behave like Regional and Bourgeoisie Parties. क्म्यूनिस्ट दलों, प्रांतीय दलों और बूर्जुवा दलों के जैसे प्रवर्तन नहीं कर सकते। కమ్యూనిస్టు పార్టీలు ప్రాంతీయ మరియు బూర్జువా పార్టీలలాగా ప్రవర్తించ లేవు, ప్రవర్తించ కూడదు.


Communist Parties cannot behave like Regional Bourgeoisie parties. Bourgeoisie Parties may make false and impossible promises and come to power. But Communist Parties are not expected to do similar gimmicks. If Communist Parties encourage Regional demands, they will be working at conflicting goals. State Units will come up with Regional demands, which All India Polit Bureaus will be compelled to accept.

This is in continuation of blog post No. 545. यह ब्लाग पोस्ट नं. ५४५ के उत्तर भाग. ఇది బ్లాగ్ పోస్టు నంబర్ 545 యొక్క కొనసాగింపు. Click to go to post No. 545५४५౫౪౫


"...BJP and the TDP came to power by demanding special category status. ..."

बीजेपी और टीडीपी, प्रत्येक केटगिरी स्टेटस वादा किये और सत्ते में आये ।

"...If the Central government did not confer the special category status on Andhra Pradesh before August 10, we shall call a state bandh and intensify the struggle against the Central government and the state government. ..."

"... अगर केंद्र सर्कार आंध्र प्रदेश को स्पॆषल स्टेटस, आगस्ट १० के पहले नहीं देते, तो हम राज्य स्तरीय बंद (हडँताल) को पुकारेंगे, और केंद्र सरकार, राज्य सरकार के खिलाफ संघर्ष को तेज और प्रबल करेंगे।... "

"...But now after Parliament has incorporated the issue in the Andhra Pradesh Reorganisation Act, the BJP government is going back on its promise. The ruling TDP too is trying to cheat people again without initiating any efforts to bring pressure on its ally in the Centre to sanction the special category status. ..."

"... लेकिन, पार्लमॆंट आंध्र प्रदेश री आर्गनैजेषन् अधिनियम में आंध्र प्रदेश स्पॆषल स्टेटस के विषय रखने पर भी, बीजेपी सरकार, अपने वादा से वापस जा रहे है. पालक टीडीपी भी, अपने मित्र केंद्र सर्कार पर स्पॆषल स्टेटस के लिये दबाव लगाने के लिये कोशिश नहीं कर रहा है, और जनता को वंचन करने के काम में है।..."

"...TDP Parliament members could not even make the Central government make an official announcement in this regard when people are apprehensive about the special status. ..."

"... जब जनता स्पॆषल स्टेटस के बारे में आशंकित और चिंतित है, टीडीपी के संसद सभ्य , इस के बारे में, केंद्र सर्कार एक अधिकारिक घोषणा भी लाने में अशक्त होगया। ..."


Shri D. Raja and Shri K. Narayana, CPI leaders are reported to have said as under:
"...Congress and BJP are playing a double game..."

"... कांग्रॆस् और बीजेपी डबुल गेम खेल रहे हैं। ..."

"... Our party has called for a bandh on August 11 in support of the demand for granting Special Category status to AP. ..."

" हमारे दल, आंध्र प्रदेश के स्पॆषल केटगिरी स्टेटस डिमांड के समर्धन में, दिनांक आगस्ट ११, एक बंद (हड्ताल) के आह्वान किया है। ..."


ybrao-a-donkey's humble views. I shall not insist that you agree with me. वैबीराव एक गधे के विनम्र वचन. आप मुझ से सहमत होने के निर्बंध नहीं है। వైబీరావు గాడిద వినమ్ర అభిప్రాయాలు. నాతో ఏకీభవించమని మిమ్ములను వత్తిడి చేయను


In what way Communism and Communist Parties are concerned with Special Status for a State? It is a Regional Issue. Today, as far as my knowledge goes, CPI is only a Regional Party. Does CPI want to take up Regional Issues and settle down as a Regional Party in mutually conflicting States like Telangana and Residual Andhra Pradesh. Suppose Tamil Nadu CPI, Maharashtra CPI, Bengal CPI, Karnataka CPI want Special Status for their respective States will, All India Polit Bureau of CPI support their demands?

कम्यूनिजम और कम्यूनिस्ट पार्टीस को, राज्यों के स्पॆषल स्टेटस से क्या तालूक होता है? वह एक प्रांतीय समस्या और मुद्दा है। जहाँ तग मेरा ज्ञान है, सीपीऐ आज एक प्रांतीय दल है। क्या सीपीऐ प्रांतीय मुद्दों पर आंदोलन चला कर, परस्पर विरुध्ध संघर्ष करनेवाले आंध्र प्रदेश और तॆलंगाणा जैसे राज्यों में सीपीऐ यूनिट्स परस्पर विरुध्ध आंदोलनों को समर्धन करने से, अपने प्रांतीय पार्टी स्टेटस को शाश्वत करना चाहता है? सोचेंगे कि, अगर तमिल नाडू सीपीऐ, महाराष्ट्र सीपीऐ, बॆंगाल सीपीऐ, कर्नाटक सीपीऐ, अपने अपने राज्यों को स्पॆषल् स्टेटस मांगते हैं, तो सीपीऐ के अखिल भारत पोलिट ब्यूरो किस्को समर्धन करना पडेगा?

Communist Parties should have an All India focus and All India Vision. They should concentrate on bringing into the Society the basic Communism or total Socialism and the rule of the Working Class. They should not haggle on cheap instigative issues like Special Category Status to individual States, though bourgeoisie parties have come to power, promising such impossible thing.

कम्यूनिस्ट पार्टीस को अखिल भारतीय केंद्र बिंदु और दृष्टि कोण को हमेशा अपने विचक्षण में लेना। वे समाज में सिर्फ कम्यूनिजम या संपूर्ण समाज वाद और श्रामिक वर्गं के सत्ते लाने के लिये कोशिश करना होगा। वे स्पॆशल केटगिरी जैसे छोटे और दुरुत्साहन और भडकाने विषयों पर चिक-चिक नहीं करना चाहिये। बूर्जुवा दलों वैसे असाध्य वादे करके अधिकार में आये होगा, परन्तू वाम पक्षीय दलों को वैसे झूटे काम अनुचित होगा।

In my donkey's view point, Communist Parties should not contest Assembly or Municipal elections. Reason: By winning Municipalities and Corporations, or by forming Governments at State level, Communist Parties cannot bring any radical changes like removal of Right of Property, Removal of Right of Inheritance, Scrapping of Internal Currency System, Closure of Stock Markets, Closing prayer houses etc. For the purpose, they need at least 2/3 majority, in Parliament's both Houses. For securing 2/3 majority in the Upper House i.e. Rajya Sabha, the Communist Parties can take up contesting Assembly elections at a later stage, after conquering Lok Sabha.

मेरे गधे के दृष्टिकोण से यह मुझे दिख रहा है कि, कम्यूनिस्ट पार्टीस असेंब्ली या पुरपालक-नगरपालक-पंचायत चुनावों में भाग लेने से फायिदा नहीं रहेगा। कारण: पुरपालिकाओं, नगरपालिकाओं, पंचायतों के जीतने से , वाम पक्षीय दलों संपत्ति अधिकार निर्मूलन, वारस्तव हक निर्मूलन, अंतर्गत करॆन्सी को निकाल देना, स्टाक मार्कॆट्स् को बंद करना, प्रार्धनालयों को बंद करना जैसे, बडे फेर बदलों जन सम्मती से नहीं ला सकते। वैसे संस्करणों को लाने केलिये, वाम पक्ष दलों को पार्लमॆंट में २/३ मॆजारिटी साधन करना चाहिये। उच्च सदन, मतलब राज्य सभा में २/३ मॆजारिटी पाने के लिये लोक सभा को जीतने के बाद, राज्य शासन सभाओं को जीतने के लिये प्रत्येक कोशिश करना पडेगा।

(To continue. और लिखने का है। ఇంకా వ్రాయాల్సింది ఉంది.

No comments:

Post a Comment

ఘోరమైన విమర్శలకు కూడ స్వాగతం, జవాబులు ఇవ్వబడతాయి.